नई दिल्ली - पिछले कुछ दिनों से संसद में चुप बैठे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को पीएम मोदी और सरकार पर तीखा हमला बोला, राहुल गांधी ने सरकार पर काले धन को लेकर निशाना साधते हुए कहा कि यह उनकी फेयर एंड लवली योजना है जो काले धन को गोरा करती है, सरकार टैक्स लेकर काले धन को सफेद करेगी.
राहुल ने कहा कि जब में तिरंगे को सलाम करता हूं तो किसी कपड़े को नहीं बल्कि उससे जुड़ी रिलेशनशिप को सलाम करता हूं, जब में तिरंगे को बचाता हूं तो में कमजोर और
हर एक आवाज को बचाता हूं, तिरंगे का सम्मान हर विचार का सम्मान है, लेकिन जब में जेएनयू गया तो आपके एबीवीपी के छात्रों ने मुझे काले झंडे दिखाए, पीएम किसकी बात सुनते हैं, किसके विचार सुनते हैं? केवल उनके मंत्रियों के? यह पूरा देश पीएम नहीं है और ना ही पीएम पूरा देश है.
लोकसभा में सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले मोदी जी ने कहा कि दाल 70 रुपये प्रति किलो होगी लेकिन क्या हुआ, दाल 200 रुपये किलो तक पहुंच गई?
प्रधानमंत्री की मेक इन इंडिया पर राहुल ने वार करते हुए कहा कि उन्होंने बब्बर शेर तो बना दिया, लेकिन ये तो बताएं कि कितने लोगों को रोजगार मिला ?
मनरेगा की बात करते हुए उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मेरे पास आकर कहा कि इस योजना से अच्छी योजना कोई और नहीं हो सकती, तब मैंने उनसे कहा कि ये बात आप अपने बॉस को बताएं?
पीएम पर आरोप लगाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि वे इस तरह से कालाधन रखनेवालों को बचा रहे हैं, मोदी जी ने पहले कहा था कि वो काले धन वालों को जेल में डालेगी, लेकिन अब उन्हें बचाने की स्कीम लेकर आई है, राहुल गांधी जब अपना संबोधन दे रहे थे तब पीएम मोदी सदन में पहुंचे, इससे राहुल थोड़े असहज हो गए, उन्होंने कहा कि आइए मैं फेयर एंड लवली स्कीम के बारे में बता रहा था.
रोहित वेमुला के मामले पर उन्होंने पीएम मोदी को घेरते हुए कहा कि इस मुद्दे पर पीएम ने एक भी शब्द नहीं बोला। यही नहीं उन्होंने रोहित की मां से मिलना भी जरूरी नहीं समझा?
हाल ही जेएनयू में हुए विवादित भाषण को लेकर कांग्रेस उपाध्यक्ष ने सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मैंने कन्हैया कुमार का पूरा भाषण देखा। मुझे उस भाषण में एक भी शब्द ऐसा नहीं मिला जो देश के खिलाफ हो?
गांधी और सावरकर को लेकर राहुल ने कहा कि मैं एक बात समझा नहीं कि मैने कहा भैया एक बात बताओ गांधी हमारे हैं और सावरकर आपके इसमें क्या गलत है। सावरकर आपके नहीं हैं क्या? आपने उन्हें उठाकर फेंक दिया क्या? ना आप जेएनयू को कुचल पाओगे और ना इस देश को। कौन से धर्म में लिखा है कि अध्यापकों को पीटा जाना चाहिए? जब कोर्ट में मीडिया, अध्यापकों को पीटा गया तो पीएम ने एक अलफ़ाज़ भी क्यों नहीं कहा ?
कांग्रेस उपाध्यक्ष ने आगे कहा कि मुझे गर्व है कि मैं अब भी उस देश में रह रहा हूं जहां उन लोगों से सामना होता है जिनकी राय अलग-अलग है लेकिन आपको आरएसएस में अापके शिक्षकों ने सिखाया है कि ब्रम्हांड में एक ही सच है जो आप कहते हैं बाकि और किसी का नहीं ?
पीएम की पाक यात्रा पर उन्होंने कहा कि जब 26/11 हमला हुआ था तब लोग मर रहे थे, सरकार ने गुजरात के मुख्यमंत्री से भीख मांगी की वो मुंबई ना जाए लेकिन वो नहीं माने। इस हमले में 200 लोग मारे गए लेकिन पीएम ने क्या किया बिना किसी सोच के, बिना किसी को बताए चाय पीने पाकिस्तान चले गए। पीएम ने किसी से भी इस बारे में बात करना जरूरी नहीं समझा, मुझे तो लगता है कि उन्होंने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से भी बात करना जरूरी नहीं समझा ?
इससे पहले संसद के दोनों सदनों में मंगलवार की तरह बुधवार का दिन भी हंगामेदार रहा। दोनों ही सदनों में कार्यवाही शुरू होने के बाद से चिदंबरम और इशरत जहां मामले को लेकर हंगामा होता रहा। इस दौरान सांसदों ने लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन के खिलाफ नारेबाजी की जिससे स्पीकर भड़क गईं.
संसद की कार्यवाही शुरू होने के बाद कांग्रेस चिदंबरम पर चर्चा से बचती नजर आई और लेफ्ट के साथ बायकॉट कर दिया। वहीं एआईएडीएमके और बीजद ने सरकार पर यूपीए से गठजोड़ कर चिदंबरम को बचाने का आरोप लगाया.
इसके जवाब में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि एयरसेल-मैक्सिस डील की जांच धीमी होने के आरोप गलत हैं। जांच जारी है और सीबीआई ने चार्जशीट दाखिल कर दी है जो भी होगा चाहे वो कितना भी ताकतवर हो उसे छोड़ा नहीं जाएगा.
इससे पहले एआईएडीएम के वैंकटेश ने सदन में हंगामा करते हुए कहा कि मोदी सरकार काले धन पर रोक लगाने के वादे पर सत्ता में आई थी, लेकिन अब कुछ नहीं कर रही है.
इससे पहले संसद के दोनों की सदनों में इशरत जहां और कार्ति चिदंबरम मामले को लेकर जमकर हंगामा और नारेबाजी हुई। भाजपा ने जहां दोनों सदनों में इशरत जहां और चिदंबरम मामले को उठाया वहीं कांग्रेस ने गुजरात में अनार पटेल को भूमि आवंटन मामले को हथियार बनाया.
राज्यसभा में जहां एआईएडीएमके सांसद एयरसेल-मैक्सिस डील में पी. चिदंबरम की भूमिका को लेकर चर्चा को लेकर नारेबाजी करते रहे वहीं सरकार ने भी इसका समर्थन किया जिसके बाद चर्चा शुरू हुई.
इससे पहले पिछले दो दिनों में इशरत जहां को लेकर पूर्व गृह सचिव और अन्य अधिकारी द्वारा किए गए खुलासों के बाद अब भाजपा सांसद भूपेंदर यादव ने राज्यसभा में ध्यानाकर्षण नोटिस दिया। केंद्रीय मंत्री नीतीन गडकरी ने इसे लेकर कहा कि वो इस मुद्दे पर कांग्रेस से जवाब मांगेंगे। जो बातें सामने आ रही हैं उनसे साफ है कि उस समय जो भी हुआ वो पूरी तरह से देश विरोधी था। पूरे मामले में जांच होनी चाहिए.
वहीं कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने एक बैठक के बाद भाजपा को घेरने की तैयारी की थी.
बैठक के बाद बाहर आई सोनिया गांधी ने कहा कि कुछ भी नया नहीं हुआ है। इस मामले को लेकर हमें तब से निशाना बनाया जा रहा है जब हम सरकार में थे। चिंदबरम ने पूरे मामले को लेकर अपनी सफाई दे दी है और हम उनके साथ हैं.
इसके अलावा कांग्रेस ने गुजरात की मुख्यमंत्री आनंदी बेन पटेल की बेटी अनार पटेल को जमीन आवंटन का मामला उठाते हुए जांच की मांग की है... साभार न्यूज़ एजेंसी
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