नोएडा से लापता शिप्रा रहस्यमय ढंग से गुड़गांव में मिलीं

नोएडा- अपहरण के तीन दिन बाद पुलिस ने फैशन डिजाइनर शिप्रा मलिक का पता लगा लिया है। शिप्रा गुरुवार देर रात 2:30 बजे गुड़गांव में मिली, शिप्रा ने खुद पति चेतन को 2 बजे फोन कर अपने गुड़गांव में होने की जानकारी दी, सूचना मिलने पर
नोएडा पुलिस उसे गुड़गांव से लेकर आई.
आईजी सुजीत पांडे के मुताबिक, प्रारंभिक पूछताछ में शिप्रा ने बताया कि वह कर्ज से परेशान थी। उन्होंने कहा कि पूछताछ में शिप्रा ने बताया कि तीन लोग उसे नोएडा से अगवा करके गुड़गांव ले गए और उसे एक गांव में रखा। पुलिस को शिप्रा ने यह भी बताया कि वह अपहरणकर्ताओं से बचने के लिए तीन किलोमीटर तक पैदल भागी थी.

वहीं, शिप्रा मलिक पुलिस पूछताछ में कुछ सवाल का जवाब नहीं पाने की स्थिति में उसने खुद गायब होने की बात कही है। वह बयान भी बार-बार बदल रही है। उसने यह भी बताया है कि वह खुद ही जयपुर गई थी.

इससे पहले शिप्रा मलिक अपहरण कांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही थी वैसे-वैसे इसमें किसी जानकार या साजिश के तहत लापता होने की आशंका प्रबल होती जा रही थी। पुलिस ने शिप्रा के दो करीबियों पर शक जताया था। पुलिस की जांच की कड़ी में फैशन डिजायनर के दो भाइयों और पति से भी पूछताछ की थी.

पुलिस को जांच में पता चला कि 29 फरवरी को लाजपतनगर दिल्ली से सौ नंबर पर पुलिस कंट्रोल रूम को दोपहर 2:56 बजे आखिरी फोन करने के बाद भी शिप्रा के मोबाइल पर इंटरनेट चला है, उनके मोबाइल से व्हाट्सएप पर दोपहर 3:04 बजे तक मैसेज हुआ है। इसके बाद मोबाइल स्विच ऑफ हो गया.

अब पुलिस को यह बात परेशान कर रही है। पुलिस को समझ नहीं आ रहा है कि अगर शिप्रा ने खुद किसी मुसीबत में सौ नंबर पर फोन किया है तो उसके बाद व्हाट्सऐप पर क्यों और किसे मैसेज किया है? पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस राज का खुलासा होते ही अपहरणकांड से पर्दा उठ जाएगा.

व्हाट्सएप पर किसे और क्या मैसेज हुए, इसकी जांच में साइबर एक्सपर्ट लगे हैं। व्हाट्सऐप को भी मेल कर जानकारी मांगी है। शिप्रा व्हाट्सऐप के कई ग्रुप में जुड़ी थीं। उसके सदस्यों का पता लगाकर उनसे भी पूछताछ हो रही है। उधर, एसएसपी किरण एस का कहना है कि अब तक कोई ठोस क्लू नहीं हैं। सीसीटीवी फुटेज से जांच हो रही है.

1:21 बजे जीआईपी मॉल के सामने दिखी है कार
पुलिस ने 29 फरवरी की सेक्टर 29 से दिल्ली जाने वाले रूट पर लगे सीसीटीवी की पड़ताल की। जिसमें कार दोपहर 1:21 बजे जीआईपी मॉल के सामने से डीएनडी की ओर जाते दिख रही है। इससे पुलिस को साफ हो गया कि शिप्रा की कार सेक्टर 29 से डीएनडी की ओर गई है, लेकिन डीएनडी की फुटेज में कार नहीं दिखी है.

इससे साफ है कि शिप्रा की कार दिल्ली नहीं गई है। उसे सेक्टर 29 में लाकर ऐसी जगह खड़ा किया गया है, जिससे शिप्रा के पति चेतन मलिक या उनके घर वालों की उसपर नजर पड़ सके। चेतन मलिक ने भी बताया कि कार को ऐसी जगह खड़ा किया गया था, जहां हम बैडमिंटन खेलने जाते हैं। कार को फुटपाथ पर सड़क की तरफ से खड़ा किया गया था.

सनी के आस-पास घूम रही जांच
पुलिस को जांच में पता चला कि शिप्रा के भाई शिवांग का उसके दोस्त सनी से विवाद चल रहा था। सनी सट्टा का काम करता था। शिवांग ने सनी से कुछ पैसे लिए थे। पैसे वापस न करने पर सनी ने शिवांग की मर्सिडीज कार ले ली थी। कार को उसने किसी के पास गिरवी रख दिया था.

शिवांग लगातार कार की मांग कर रहा था। सनी ने कार देने से इंकार कर दिया। इसके बाद शिप्रा के पिता सतीश कटेरिया ने पटेल नगर दिल्ली में सनी के खिलाफ अमानत में खयानत का मामला दर्ज कराया था। 29 फरवरी को लापता होने से पहले भी शिप्रा ने आखरी बार शिवांग से बात की थी.

शिवांग मर्सिडीज कार के कागजात के बारे में ही पूछ रहा था। इससे सनी शक के घेरे में आ गया है। हालांकि 29 फरवरी को सनी की लोकेशन मुंबई में मिली है.

मसूरी में हुई थी शिप्रा और चेतन की मुलाकात
शिप्रा की पति चेतन से मुलाकात 2009 में मसूरी में हुई थी। चेतन और शिप्रा दोनों अपने-अपने परिवार के साथ घूमने गए थे। चेतन की बहन भी पर्ल अकादमी मे पढ़ती थी। इसी नाते उसकी दोस्ती शिप्रा से हुई। फिर शिप्रा और चेतन मिले। दोनों में प्यार हुआ। घर वालो ने शिप्रा को देखा और शादी के लिए राजी हो गए.

मां के लिए परेशान है बेटा
शिप्रा का बेटा मां के लिए परेशान है। चेतन ने बताया कि वह मां की अखबार में फोटो देखकर चूम लेता है। साथ ही रात में उठकर मां को खोजने लगता है। वह अब चिड़चिड़ा भी हो गया है.

फेसबुक पर पेज बना हो रही तलाश
शिप्रा की तलाश के लिए फेसबुक की मदद भी ली जा रही है। दोस्तों और जानकारों ने फेसबुक पर सर्च शिप्रा नाम से पेज बनाया है। जिस पर शिप्रा का बेटे के साथ फोटो डालकर लोगों से तलाश करने की अपील की गई है.

कार से नहीं लिया फिंगर प्रिंट
पुलिस ने शिप्रा अपहरण की जांच में शुरू से लापरवाही की। कार से फिंगर प्रिंट तक नहीं लिए। जांच का हिस्सा होने के बाद कार घर वालों को सौंप दी। हालांकि एसएसपी किरण एस का कहना है कि घर वाले खुद ही कार मौके से लेकर चले गए थे.

इन संभावनाओं पर हो रही पुलिस की जांच
- शिप्रा अपनी मर्जी से गई है। प्लान के तहत उन्होंने सौ नंबर पर फोन किया और कार घर के पास खड़ी की.
- शिप्रा को उनके मायके वालों ने किसी विवाद में फायदा उठाने के लिए गायब कर दिया है.
- शिप्रा के गायब होने में उनके पति चेतन का हाथ है.
- शिप्रा का फिरौती के लिए अपहरण किया गया है.
- शिप्रा को कार लुटेरों के गैंग ने अगवा कर लिया.

नोएडा पुलिस की लापरवाही की जांच गाजियाबाद पुलिस को
डीआईजी लक्ष्मी सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री ने शिप्रा अपहरण कांड की जांच को बेहद गंभीरता से लिया है। वह डीजीपी से पल-पल की रिपोर्ट ले रहे हैं। डीजीपी ने उन्हें विशेष तौर पर जांच के लिए नोएडा भेजा है। लक्ष्मी सिंह ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर जांच में नोएडा पुलिस से चूक हुई है.

इसकी प्रारंभिक जांच करने का आदेश गाजियाबाद के एसपी क्राइम को सौंपा गया है। साथ ही लक्ष्मी सिंह ने बताया कि नोएडा पुलिस ने कुछ बिंदुओं को जांच में शामिल नहीं किया था, जिसपर काम करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही हर चार घंटे में रिपोर्ट ली जा रही है। साथ ही शिप्रा के पति चेतन और घर वालों से पूछताछ हुई।

ऐसे गायब हुईं शिप्रा मलिक
सेक्टर 37 में रहने वाली फैशन डिजाइनर शिप्रा मलिक 29 फरवरी (सोमवार) दोपहर करीब 1:10 बजे घर से चांदनी चौक जाने के लिए स्वीफ्ट कार से निकलीं। इसके बाद से संदिग्ध परिस्थिति में लापता हो गईं। उनके नंबर से 2:56 बजे लाजपत नगर दिल्ली से सौ नंबर पर पुलिस कंट्रोल रूम को आखिरी फोन हुआ।

उनकी कार सेक्टर 28 में बॉटेनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन के सामने मिली। आज शिप्रा मलिक के लापता हुए चार दिन हो गए हैं, आईजी मेरठ जोन सुजीत पांडे का कहना है कि शिप्रा मलिक अपहरण की जांच में एसटीएफ के अलावा गाजियाबाद और मेरठ की टीम को भी लगाया गया है। मैं इस मामले की समीक्षा करूंगा। जांच में लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई होगी। परिवार के विवाद समेत कई बिंदुओं पर जांच हो रही है।

साभार- न्यूज़ एजेंसी 

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