कठेरिया को बख्रास्त करने की मांग की माकपा ने ?

नयी दिल्ली,  माकपा ने आगरा में कथित तौर पर नफरत फैलाने वाला भाषण देने को लेकर केंद्रीय मंत्री राम शंकर कठेरिया को बख्रास्त करने की आज मांग की और उत्तर प्रदेश की अखिलेश यादव सरकार से उनके खिलाफ मामला दर्ज करने को कहा।

माकपा के पूर्व महासचिव प्रकाश करात ने कहा, ‘‘राज्य सरकार कठेरिया और उन सभी के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए अपने कर्तव्य से आबद्ध है जिन्होंने आगरा
में साम्प्रदायिक हिंसा को भड़काया था। उन्हें मुजफ्फरनगर हिंसा :2013: से निपटने में प्रशासन की चूक से सबक सीखना चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि संसद में यह मांग उठाई गई कि मंत्री को हटा देना चाहिए। क्या कंेद्र सरकार संविधान और कानून के शासन के प्रति न्यूनतम दायित्व निभाएगी।

पार्टी के मुखपत्र ‘पीपुल्स डेमोक्रेसी’ के आगामी अंक में प्रकाशित संपादकीय में करात ने आरोप लगाया है कि संविधान की गरिमा कमतर करने की कोशिशें की जा रही हैं और केंद्रीय कैबिनेट के कुछ मंत्री कानूना की नयी परिभाषा गढ़ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इस तरह, अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा भड़काना ‘राष्ट्रवाद’ हो गया है जबकि धर्मनिरपेक्षता का बचाव और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता राष्ट्रविरोध तथा देशद्रोह हो गया है।

हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय और जेएनयू विवादों का जिक्र करते हुए कम्युनिस्ट नेता ने केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह और स्मृति ईरानी पर दलित एवं वामपंथी छात्र..कार्यकर्ताओं को राष्ट्र विरोधी करार देने का आरोप लगाया जबकि वे कथित तौर पर उन लोगों को बचा रहे हैं जिन्होंने असंतोष जाहिर करने वालों के खिलाफ गुंडागर्दी और हिंसा का सहारा लिया।

गौरतलब है कि कठेरिया विहिप कार्यकर्ता अरूण महौर की हत्या पर 28 फरवरी को एक शोक सभा में शामिल हुए थे। आगरा में एक अन्य समुदाय के कुछ युवकों ने अरूण की हत्या कर दी थी।

शोक सभा में कठेरिया ने कहा था, ‘‘हिंदू समुदाय के खिलाफ यह जो साजिश रची जा रही है, हमें उसे पहचानने के लिए अलर्ट रहना होगा और खुद को मजबूत करना होगा। हमें इससे लड़ना होगा क्योंकि यदि हम अभी यह नहीं करेंगे तो आज हमने एक अरूण खोया है, कल यह कोई और अरूण हो सकता है..हत्यारों को भी जाना होगा, हमें एक ऐसा उदाहरण पेश करना होगा।

साभार- भाषा 

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