12वी की छात्रा थी मोनिका गहलोत, घर में पंखे से लटककर दे दी जान, 40 दिनों में 9 छात्र कर चुके हैं खुदकुशी
इसे रोकने के लिए कानून बनाएगी सरकार, मध्यप्रदेश में परीक्षा के तनाव से छात्र छात्राओं के आत्महत्या करने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले
रहा है। मोदी सरकार में मंत्री थावरचंद गहलोत की भतीजी ने भी परीक्षा के तनाव के चलते अपनी जान देकर खुदकुशी कर ली। आलम ये है कि बीते 40 दिनों में 9 से ज्यादा छात्र छात्राएं परीक्षा के तनाव के चलते मौत को गले लगा चुके हैं.
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार थावरचंद गहलोत की 17 वर्षीय भतीजी मोनिका गहलोत ने उज्जैन स्थित अपने घर में पंखे से लटककर खुदकुशी कर ली, बताया जा रहा है कि उसका मैथ का एग्जाम अच्छा नहीं हुआ था जिसके बाद से वह लगातार तनाव में थी.
मोनिका बारहवीं की छात्रा थी, उसके पिता कैलाशचंद गहलोत खुद एक शिक्षक हैं। उसकी मौत के बाद से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। किसी को यकीन नहीं हो रहा कि घर की सबसे लाडली बेटी ऐसा कदम भी उठा सकती है.
मामले की जांच कर रहे एक पुलिस अधिकारी ने बताय कि शुरूआती जांच में सामने आया है कि मैथ के एग्जाम में वह अच्छा नहीं कर सकी थी जिसकी वजह से उसने यह आत्मघाती कदम उठा लिया।
उसने अपने दो पेज के सुसाइड नोट में अपने इस कदम के लिए परिवारवालों से माफी मांगते हुए लिखा है कि, 'मुझे माफ कर दें, मेरे पास इसके सिवाय कोई रास्ता नहीं था। मैं अपने जीवन में बहुत ऊंचाइयां छूना चाहती थी, लेकिन मैं अपनी परीक्षा में अच्छा नहीं कर सकी।' अपने सुसाइड नोट में उसने लिखा है कि उसके घरवाले उसे बहुत प्यार करते थे और उसकी देखभाल करते थे।
इसके अलावा जबलपुर में ही एक अन्य छात्र ने फिजिक्स के एग्जाम में अच्छा न कर पाने की वजह से अपनी जान दे दी। उसका शव भी अपने घर में पंखे से लटका पाया।
डेढ़ महीने में नौ छात्र छात्राओं ने की आत्महत्या
मध्यप्रदेश में परीक्षा का तनाव न झेल पाने की वजह से छात्र छात्राओं के आत्महत्या करने का सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है। बीते दिनों भी एक दिन में ही चार छात्र-छात्राओं ने आत्महत्या कर अपनी जान दे दी थी। पिछले 40 दिनों में नौ से ज्यादा छात्र छात्राएं परीक्षा के दबाव की वजह से से आत्महत्या कर चुके हैं।
छात्रों के इस तरह हिम्मत हारकर खुदकुशी करने की घटनाओं को राज्य सरकार ने भी गंभीरता से लिया है। मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने विधायकों की एक कमेटी बनाकर इस पर राय देने के निर्देश दिए थे.
सरकार इस दिशा में काननू बनाने पर भी विचार कर रही है कि अभिभावक छात्र छात्राओं पर परीक्षा के लिए अनावश्यक दबाव न बना सकें.
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