बुलंदशहर गैंगरेप ,100 नम्बर के पुलिसकर्मी ख़ुद रहते हैं मस्ती मैं ?

बुलंदशहर गैंगरेप पीड़िता नाबालिग के पिता ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की खराब स्थिति के कारण ही उनके परिवार के साथ यह अपराध हुआ.
उन्होंने बताया कि वारदात के बाद 100 नम्बर पर कॉल करने पर फोन नहीं उठाया गया, डीजीपी जावेद अहमद के निरीक्षण में यह बात भी सामने आई कि 100 नम्बर पर पीड़ित परिवार ने फोन किया लेकिन फोन नही उठा.
डीजीपी ने बताया कि पीड़ित पक्ष ने बताया कि वारदात के बाद
उन्होंने 100 नम्बर पर कॉल की थी, लेकिन 100 नम्बर पर फोन नही उठा, इसके बाद पीडित ने नोएडा में अपने एक मिलने वाले को फोन किया, जिसके बाद ही पीड़ित परिवार कोतवाली देहात पहुंच सका, डीजीपी ने कहा कि ये गम्भीर मामला है इस पर कार्रवाई की जायेगी.
कब की जायेगी अब सवाल ये पैदा होता है कि पूरे प्रदेश मैं कंट्रोलरूम के लिए सरकार ओर पुलिस विभाग का करोड़ों रूपया रखरखाव व अहम ज़रूरतों के साथ तैनात पुलिसकर्मियों की तनख़्वाह पर हर माह ख़र्च होता है, लोकिन ज़्यादातर पुलिस कर्मी कंट्रोलरूम मैं रात को मस्ती करते मिलेंगे.
ओर अगर सूत्रों की माने तब कहीं कहीं तो रात मैं शराब व शबाब की मस्ती भी चलती है लेकिन कभी किसी पर किसी अफ़सर ने अपनी तरफ़ से कोई कार्यवाही नहीं की ना ही इसकी कोई मिसाल है.
वजह है पुलिस अपनी बदनामी की ख़ातिर छुपा जाते हैं जबकि इसी बदनामी को छुपाने की गरज़ से ऐसे लोगों के हौंसले बुलंद होते जाते हैं ओर माहौल ख़राब होता जाता है.
मुझको यक़ीन है डीजीपी महोदय इसको गंभीरता से लेकर कड़े निर्देश जारी करेंगे, ओर अपने कप्तानों से कहेंगे कि वो भी गाहे बगाहे ऐसे टेस्ट लेते रहें ओर कभी कभार बंगलों ओर कार्यालयों को छोड़ नगर का भी रूख कर लिया करें.

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