रिलायंस पर 1 बिलियन डॉलर या 67 अरब रुपये से ज्यादा का जुर्माना लगाया जा सकता है. यह जुर्माना कृष्णा-गोदावरी बेसिन में रिलायंस द्वारा ओएनजीसी की फील्ड से अवैध गैस निकासी के चलते लगाया जा सकता है. जुर्माने की राशि पेट्रोलियम मंत्रालय के आदेश पर डॉयरेक्टर जनरल अॉफ हाइड्रोकार्बन ने तय की है.
क्या है मामला?
केजी बेसिन में रिलायंस की केजी-डी6 और ओएनजीसी की फील्ड्स आसपास ही हैं. रिलायंस पर आरोप है कि कंपनी ने 2009 से 2015 के बीच केजी बेसिन में ओएनजीसी की अॉयल फील्ड से 11.122 बिलियन क्यूबिक मीटर गैस की निकासी की है.
ओएनजीसी के दावे पर बनाए गए एपी शाह कमीशन पैनल ने 31 अगस्त को दी गई रिपोर्ट में साफ कहा कि सरकार को रिलायंस द्वारा की गई अवैध निकासी का मुआवजा लेना चाहिए. ओएनजीसी का स्वामित्व सरकार के पास है इसलिए रिलायंस को मुआवजा सरकार को भरना होगा.
मुआवजे की रकम तत्कालीन समय में गैस कीमतों के हिसाब से तय की गई है. इसमें प्रोडक्शन कॉस्ट शामिल नहीं है.
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