शर्म की सारी हदों को पार कर रहा है प्रधानमंत्री क्षेत्र का बनारस विश्वविद्यालय ?

ख़बर सैफ़ी पोस्ट बनारस

बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी देश मैं शिक्षा के क्षेत्र मैं एक बड़ा नाम, इसी बड़े नाम की यूनिवर्सिटी की एक छात्रा के साथ गुरुवार देर शाम विश्वविद्यालय परिसर में हुई छेड़छाड़ की घटना के बाद से छात्राओं में जबरदस्त आक्रोश है, २२ सितंबर २०१७ शुक्रवार को छात्राओं ने इस घटना के विरोध में बड़े पैमाने पर आंदोलन का रूख़ किया, दिन निकलते हा छात्राओं ने सुबह 6 बजे से ही बीएचयू के मेन गेट पर इकठ्ठा होकर आरोपियों की गिरफ्तारी और लड़कियों की सुरक्षा की मांग लेकर प्रदर्शन किया, लड़कियों के तीव्र विरोध प्रदर्शन को देखते हुए प्रसाशन को वाराणसी दौरे पर गए पीएम मोदी का भी रास्ता बदलना पड़ा, ये भी बड़े शर्म की बात है.

कालेज कू लड़की ने अपनी लिखित शिकायत में बताया कि गुरुवार शाम 6 बजे वो सलवार सूट पहने बीएचयू में स्थित कला भवन के सामने से गुजर रही थी तभी बाइक से गुजर रहे दो छात्र उसके पास रुके और उसके साथ अभद्र हरकत की, छात्रा के चिल्लाने पर वो लड़के दोबारा बाइक पर बैठकर चले गए, खास बात ये रही कि यह हादसा उस प्रोक्टोरियल बोर्ड की चौकी से मात्र 10 मीटर की दूरी पर हुआ जिसके ऊपर पूरी बीएचयू की सुरक्षा का जिम्मा है.

छात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि जब उसने इसकी शिकायत वार्डेन से की तब वार्डेन ने उल्टे छात्रा को ही डांटते हुए कहा कि, तुम लोग इतनी रात को निकलती क्यूं हो, ओर अगर निकली तब तुमने उनकी बाइक को दौड़कर पकड़ा क्यूं नही, अब बतायें क्या अकेली लड़की से ऐसी उम्मीद करना जायज़ है?

महिला हॉस्टल के सामने लड़के कर रहे हस्तमैथुन...?

इससे पहले बुधवार को बीएचयू के नवीन गर्ल्स हॉस्टल से ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला आया था जहां कि लड़कियों ने लिखित शिकायत में आरोप लगाया कि आए दिन हॉस्टल जा रही छात्राओं को रास्ते में कुछ मनचलों द्वारा छेड़खानी और मोलेस्टेशन का सामना करना पड़ रहा है, हॉस्टल बन्द होने के बाद भी देर रात में कुछ लड़के हॉस्टल की खिड़कियों पर पत्थर मारते हैं, अश्लील इशारे करते हैं, खिड़कियों के सामने हस्तमैथुन के साथ गाली गलौज कर रातभर परेशान करते हैं, छात्राओं का ये भी कहना है कि वो कई बार इसकी शिकायत वार्डेन से लेकर प्रशासन तक कर चुकी हैं लेकिन अब तक  आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई इसीलिए इनके हौंसले इतने बुलंद हैं, क्या चाहता है कालेज प्रसाशन ?

वहीं आंदोलन मैं शामिल विज़ुअल आर्ट्स की छात्रा आकांक्षा ने अपना सिर मुड़वाया लिया, आकांक्षा अपने हाथ में तख्ती लेकर सिर मुंडाकर प्रदर्शन करने की तस्वीर सामने आई है ओर ये तस्वीर आने के बाद सोशल मीडिया पर छा गई.

वहीं इस पूरे मामले में बीएचयू के कुलपति और प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने अजीब खामोशी यानि मौन धारण किया हुआ है, बीएचयू कालेज प्रशासन के पास आकांक्षा ओर विरोध प्रदर्शन कर रही हजारों छात्राओं से मिलने के लिए भी वक़्त नहीं है.

लड़कियों को रोकने के लिए हॉस्टल में लगाए ताले...?

वहीं छात्राओं के बड़े आंदोलन पर उतर जाने से बीएचयू प्रशासन काफी परेशान है, उसने लड़कियों को आंदोलन में जाने से रोकने के लिए महिला हॉस्टल के मुख्य गेट पर अंदर से ताला लटका दिया है, छात्राएं एक तरह से हॉस्टल के अंदर ही कैद हो गई है, सोशल मीडिया पर हॉस्टल की फोटो सामने आने के बाद से ही बीएचयू प्रशासन कटघरे में खड़ा है.

वहीं लड़कियों को आंदोलन करते हुए करीब 24 घंटे हो चुके है और वे अभी भी बीएचयू के मेन गेट पर जमी हुई हैं, मेन गेट पर काफी बड़ी संख्या में पुलिस बलों की तैनाती की गई है, उल्टे अपने हक़ ओर अश्लीता के विरोध मैं आंदोलन करने ओर आंन्दोलन मैं शामिल लड़कियों की गिरफ्तारी की आशंका भी हमारे सूत्रों के ज़रिये जताई जा रही है.

अब सोचना ये है कि देश के प्रधानमंत्री मोदी जी कहते हैं कि बेटी बढाओ, बेटी पढ़ाओ ?

साहेब जी कैसे बेटियों को बढ़ाये, कैसे ओर कहां पढ़ायें ये भी बता दें आप हवस के सौदागर ओर पुजारी बेटियों की इज़्ज़त को तार तार करने पर लगे हैं वहीं कानून के रखवाले उल्टा बेटियों को ही हद मैं रहने की नसीहत कर रहे हैं ओर बेटियों की फिर हद बेटियों का घर ही है, ये भी सब जानते हैं, मगर आज वो हद भी बेटियों के लिए सुरक्षित नहीं है?

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